Naya Libas Pehne ki Dua । कपड़ा उतारने से पहले की दुआ

अस्सलामु अलैकुम्, उम्मीद है के आप सभी खैरो आफियत से होंगे| आज हम आप को Naya Libas Pehne ki Dua और उसका तर्जमा बताने वाले हैं उम्मीद है आप इस पोस्ट को पढ़ कर दूसरों तक भी पहुॅचायेंगे।

जैसा के आप सभी को पता है के इल्मे दीन सीखना हर आकिल व बालिग मुसलमान मर्द और औरत पर फर्ज़ है तो हमें भी चाहिए के हम भी इल्मे दीन सीखे और दूसरों को भी सिखाये ।


Kapda Pahan ne Ki Dua। कपड़ा पहन्ने की दुआ

الْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِي كَسَانِي هٰذَا الثَّوْبَ وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِّنِّي وَلَا قُوَّةٍ

अल हम्दुलिल्लाही अल लजी कसानी हाजस् सवबा व रजकनिहि मिन गयरी हवलीन मिन्नी वला कुव्वतिन

तर्जमा: तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं जिस ने मुझ को ये कपड़ा पहनाया और मेरी कुव्वत व ताक़त के बगैर मुझ को अता फ़रमाया ।

हदीस: हुज़ूरे अकदस् ﷺ ने फरमाया के जो शख्श कपड़े पहन कर ये दुआ पढ़े तो उसके अगले पिछले सब गुनाह मुआफ् कर दिये जायेंगे


Naya Libas Pehne ki Dua | नया कपड़ा पहन्ने की दुआ

اللَّهُمَّ لَكَ الْحَمْدُ كَمَا كَسَوْتَنِيْهِ اسْٔلُكَ خَيْرَهُ وَخَيْرَ مَا صُنِعَ لَهُ وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّهٖ وَشَرِّ مَا صُنِعَ لَهُ

अल्हुम्मा लकल्हम्दु कमा कसव् तनिहि असअलुका खयरहु व खयरा मा सुनिआ लहू व आ उजु बिका मिन शर्रिहि व शर्रि मा सुनिअ लहू

तर्जमा: अे अल्लाह! तेरे ही लिए सब तारीफ है। जैसा कि तूने यह कपड़ा मुझे पहनाया। मैं तुझसे इसकी भलाई का और इस चीज़ की भलाई का सवाल करता हूँ जिसके लिए यह बनाया गया है। और मैं तेरी पनाह चाहता हूँ, इसकी बुराई से और इस चीज़ की बुराई से जिसके लिए यह बनाया गया है।”

हदीस: “हजरत अबू सईद खद्री (रदियअल्लाहु अन्हु) से रवायत है कि हुज़ूर (सलल्लाहु अलैहि वसल्लम) जब कोई नया कपड़ा पहनते तो उसका नाम लेकर फरमाते कि अल्लाह ने मुझे यह इनायत फरमाया और इसके बाद यह दुआ पढ़ते।”

Naya Libas Pehne ki Dua

कपड़ा उतारने से पहले की दुआ

بِسْمِ اللَّهِ الَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ

बिस्मिल्लाही अल्लजी ला इलाहा इल्ला हू

तर्जमा: अल्लाह के नाम से कपड़े उतरता हूँ जिसके सिवा कोई माबूद नही

हदीस: रसूले करीम ﷺ ने फरमाया : जिन्नात की आँखों और इंसान के सतर के दरमियांन पर्दा ये है के जब मुसलमान कपड़ा उतारने का इरादा करे, तो ये दुआ पढ़े


किसी मुसलमान को नए कपड़े में देख कर पढ़ने की दुआ

تُبْلِي وَيُخْلِفُ اللّٰهُ

तर्जमा: अल्लाह तुम्हारी उमर में तरक्की दे ताके तुम इस कपड़े को पुराना करो और इसके बाद खुदा तुम को और कपड़ा दे

हदीस: हज़रते अबु नजारा رضی اللہ عنہ फरमाते हैं के सहाबा ए किराम رضی اللہ عنہم मे से कोई नया कपड़ा पहनता, तो उस को ये दुआ दी जाती थी


किसी को अच्छा कपड़ा पहने देख कर पढ़ने की दुआ

اِلْبَسْ جَدِيدًا وَّعِشْ حَمِيدًا وَّمُتْ شَهِيدًا

तर्जमा: नए कपड़े पहनों, क़ाबिल ए तारीफ जिंदगी गुजारो और शहादत की मौत मरो

हदीस: “रसूल अल्लाह सल्लाल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत उमर रदियअल्लाहु अन्हु को सफेद कमीज़ पहने देखा, तो आप सल्लाल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा: ‘धुले हुए हैं या नए हैं?’ हज़रत उमर रदियअल्लाहु अन्हु ने कहा: ‘नहीं! धुले हुए हैं।’ यह सुनकर आप सल्लाल्लाहु अलैहि वसल्लम ने यह दुआ दी।”


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