Jannat me Jane ki Dua | जन्नत में जाने की दुआ | Easy to Read

अस्सलामु अलैकुम्, उम्मीद है के आप सभी खैरो आफियत से होंगे |आज हम आप को Jannat me Jane ki Dua | जन्नत में जाने की दुआ बताने वाले हैं उम्मीद है आप इस पोस्ट को पढ़ कर दूसरों तक भी पहुॅचायेंगे।


Jannat me Jane ki Dua | जन्नत में जाने की दुआ

Jannat me Jane ki Dua

अल्लाहुम्मा लकलहम्दु ला इलाहा इल्ला अन्ता रब्बी वा अना अब्दुका अमन्तु बिका मुख्लिसनलाका दीनी अस्बाह्तु अला अहदिका वा वा अदिका मस्तातातु अतोबू इलयका मिन सय्यी अमली वा अस्तगफिरुका लिजुनोवबी अल्लाती ला यघफिरुहा इल्ला अन्ता

Allahumma lakalhamdu la ilaha illa anta rabbi wa ana ‘abduka amantu bika mukhlisanlaka deeni asbahHtu ‘ala ‘ahdika wa wa a’dika mastata’tu atoobu ilayka min sayyi’i ‘amali wa astaghfiruka lijunovbi allati la yaghfiruha illa anta


तर्जुमा: ऐ अल्लाह ! आपके लिए तारीफ है, ऐ मेरे रब! आपके सिवा कोई माबूद नहीं, मैं आपका बंदा हूँ, मैंने ईमान लाया आप पर, अपने मजहब में इख्लास के साथ, मैंने सुबह की आप के अहद और वादे पर जितनी इस्तेतात हो सकी, मैं आप से तौबा करता हूँ अपनी बद अमली से, गुनाहों से तौबा करता हूँ जिसे कोई नहीं माफ़ करेगा सिवाए आप के ।

फ़ज़ीलत: हज़रत अबू  Radi Allahou Anhu उमामा फरमाते हैं के आप ﷺ ने फ़रमायाः जिसने ये दुआ सुबह को तीन मर्तबा पढ़ी और मर गया तो जन्नत में दाखिल होगा, उसी तरह ये दुआ शाम को पढ़ ले और उसी रात मर जाए तो जन्नत में दाखिल होगा ।

(इस दुआ के मुताल्लिक़) आप ﷺ इस तरह क़सम खा कर फ़रमाते के इस तरह दूसरी दुआओं के लिए नहीं फ़रमाते ।

क़सम है ख़ुदा की! जिस बन्दे ने भी इसे तीन मर्तबा कहा और उसी दिन मर गया वह ज़रूर जन्नत में दाख़िल होगा। उसी तरह शाम में तीन मर्तबा कहा और उसी रात मर गया जन्नत में दाखिल होगा ।

ख़याल रहे के शाम को “أَصْبَحْتُ” की जगह “ال أَمَسَيْتُ

हवाला: मज्मूज़वाइद : ११४/४ । तिब्रानी : ९६२/२


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