Iftar ki Dua 4 | इफ्तार की 4 दुआ | तर्जुमा और फज़ीलत

अस्सलामु अलैकुम्, उम्मीद है के आप सभी खैरो आफियत से होंगे | आज हम आप को Iftar ki Dua 4 तर्जुमा और फज़ीलत बताने वाले हैं उम्मीद है आप इस पोस्ट को पढ़ कर दूसरों तक भी पहुॅचायेंगे।

जैसा के आप सभी को पता है के इल्मे दीन सीखना हर आकिल व बालिग मुसलमान मर्द और औरत पर फर्ज़ है तो हमें भी चाहिए के हम भी इल्मे दीन सीखे और दूसरों को भी सिखाये ।


Iftar ki Dua 1 | इफ्तार की पहली दुआ | तर्जुमा और फज़ीलत

اللَّهُمَّ لَكَ صُمْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ
अल्लाहुम्मा लाका सुमतु वा ‘अला रिज़िका अफ़्तारतु
Allahumma laka sumtu wa ‘ala rizqika aftartu


इफ्तार की दुआ 1 का तर्जुमा और फज़ीलत

तर्जुमा: ए अल्लाह! मैं ने तेरे लिए रोज़ा रखा और तेरे ही रिज़्क़ से इफ़तार किया।

फ़ज़ीलत: हज़रत मुआज़ बिन जुहरा (Radhiyallahu Anhu) नक़ल करते हैं कि जब नबी अकरम ﷺ इफ़तार करते तो ये दुआ पढ़ते।

हवाला: अब्बू दाऊद २३५८


Iftar ki Dua 2 | इफ्तार की दूसरी दुआ | तर्जुमा और फज़ीलत

اللَّهُمَّ لَكَ صُمْنَا وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْنَا فَتَقَبَّلْ مِنَّا إِنَّكَ أَنْتَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
अल्लाहुम्मा लाका सुमना वा ‘अला रिज़्किका अफ़तरना, फतक़ब्बल मिन्ना इन्नाका अंतस-समीउल-‘अलीम।
Allahumma laka sumna wa ‘ala rizqika aftarna, fataqabbal minna innaka antas-Sami’ul-‘Aleem.


इफ्तार की दुआ 2 का तर्जुमा और फज़ीलत

तर्जुमा: ए अल्लाह! हम ने आप के लिए रोज़ा रखा, आप के रिज़्क़ से इफ़तार किया पस इसे क़बूल फ़रमा। यक़ीन्न आप सुन्ने जान्ने वाले हैं

फ़ज़ीलत: हज़रत इबने अब्बास (Radhiyallahu Anhu) से मर्वी है कि नबी अकरम ﷺ इफ़तार करते वक़्त ये दुआ फ़रमाते।

हवाला: अमलुल यौमा वल्लैला इबने सुन्नी ४८१


Iftar ki dua Roza kholne ki Dua in Hindi, English (1)

Iftar ki Dua 3 | इफ्तार की तीसरी दुआ | तर्जुमा और फज़ीलत

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ بِرَحْمَتِكَ الَّتِيوَسِعَتْ كُلَّ شَيْءٍ أَنْ تَغْفِرَ لِي
अल्लाहुम्मा इन्नी असलुका बि-रहमतिका अल्लाती वसीअत कुल्ल शायिन एन तगफिरा ली।
Allahumma inni as’aluka bi-rahmatika allati wasi’at kulla shay’in an taghfira li.


Iftar ki Dua 4 | इफ्तार की चौथी दुआ | तर्जुमा और फज़ीलत

يَا وَاسِعَ الْمَغْفِرَةِ اغْفِرْ لِي
या वसीआ अल-मगफिरा, इघफिर ली।
Ya Wasi’a al-Maghfirah, ighfir li.


इफ्तार के बाद दुआ | Iftar ke Baad Dua

ذَهَبَ الظَّمَأُوَا بْتَلَتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللهُ
ज़हाबा अल-ज़माउ, वा बतलातिल ‘उरूकू, वा थबातल-अजरू इन शा अल्लाह।
Zahaba al-zama’u, wa btalatil ‘urooqu, wa thabatal-ajru in shaa Allah.


तर्जुमा: प्यास ख़त्म हो गई, रगें तर हो गईं, और इंशा अल्लाह ताला सवाब मिल गया

फ़ज़ीलत: मरवान बिन सालिम मुक़फ़्फ़ा कहते हैं कि मैं ने अबदुल्लाह बिन उम्र (Radhiyallahu Anhu) को देखा, वह अपनी दाढ़ी को मुट्ठी में पकड़ते और जो मुट्ठी से ज़ाइद होती उसे काट देते, और कहते कि रसूलुल्लाह ﷺ जब इफ़तार करते तो ये दुआ पढ़ते

हवाला: अब्बू दाऊद २३५७, मिशकात १९९३


इफ्तार के बाद दुआ 2

الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَعَانَنِي فَصُمْتُ وَ رَزَقَنِي فَأَفْطَرْتُ
अल्हम्दु लिल्लाहि अल्लाधि अनानि फसुमतु वा रज़ाकानी फ़ा-अफ़्तारतु
Alhamdu lillahi alladhi a’anani fasumtu wa razaqani fa-aftartu


इफ्तार के बाद दुआ 3

اللَّهُمَّ لَكَ صُمْنَا وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْنَا فَتَقَبَّلْ مِنَّا إِنَّكَ أَنْتَ السَّمِيعُالْعَلِيمُ
अल्लाहुम्मा लाका सुमना वा ‘अला रिज़्किका अफ़तरना, फतक़ब्बल मिन्ना इन्नाका अंतस-समीउल-‘अलीम।
Allahumma laka sumna wa ‘ala rizqika aftarna, fataqabbal minna innaka antas-Sami’ul-‘Aleem.


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