Chautha Kalma Tauheed | चौथा कलमा हिंदी में | 4th kalma

अस्सलामु अलैकुम्, उम्मीद है के आप सभी खैरो आफियत से होंगे | आज हम आप को Chautha Kalma Tauheed in Hindi aur Fazilat बताने वाले हैं उम्मीद है आप इस पोस्ट को पढ़ कर दूसरों तक भी पहुॅचायेंगे।

जैसा के आप सभी को पता है के इल्मे दीन सीखना हर आकिल व बालिग मुसलमान मर्द और औरत पर फर्ज़ है तो हमें भी चाहिए के हम भी इल्मे दीन सीखे और दूसरों को भी सिखाये ।


Chautha Kalma Tauheed | चौथा कलमा हिंदी में

Chautha Kalma

ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरीकलहू, लहुल मुल्कु वलहुल हम्द, युह्यी वयुमीतु, बियादिहिल खैरू, वहूआला कुल्ली शैइन कदीर।

La ilaha illallahu wahadhu la shariqalhu, lahul mulku walhul hamd, yuhayy vayumithu, biyadihil khairu, wahuala kulli shayin kadeer.


Chautha Kalma Tauheed Hindi Tarjuma । चौथा कलमा का तर्ज़ुमा।

अल्लाह ताला के सिवा कोई माबूद नहीं वह अकेला है उस का कोई शरीक नहीं उसी की बादशाही है और उसी के लिए तमाम तारीफें हैं वह ज़िन्दा करता है और वही मारता है. उसी के हाथ में है खैर व बरकत और वह हर चीज़ पर क़ादिर है

Chautha Kalma Tauheed

Chautha Kalma Tauheed ki Fazilat

क्मज़ कम एक बार और ज्यादा सजितना भी हो सके ये तौहीद पढ़ा करे ।

(1) हदीस शरीफ में आया है कि जो शख्स इस कलमा तौहीद को दस मर्तबा पढ़े तो वो उस शख्स के मानिंद होगा जिसने हज़रत इस्माइल की ओलाद अरब क़ौम में से चार नफ़र आज़ाद किए हों।

(2) जो एक मर्तबा पढ़ेगा वो उस शख्स के मानिंद होगा जिसने किसी भी क़ौम का एक गुलाम आज़ाद किया हो ।

(3) जो एक सौ (100) मर्तबा ये कलमा पढ़ेगा तो उसको दस गुलाम आज़ाद करने के बराबर सवाब मिलेगा और उसके लिए सौ नेकियां लिख दी जाएँगी और उसकी सुन्नतों बदियाँ मिटा दी जाएँगी और ये कलमा उसके लिए शैतान से बचाव का सामान (मुहाफ़िज़) होगा और क़यामत के दिन कोई भी उससे अफ़ज़ल अमल पेश करने वाला ना होगा बज़ज उस शख्स के जिसने उससे भी ज़्यादा तादाद में ये कलमा पढ़ा होगा ।

(4) यही वो कलमा है जो हज़रत नूह ने अपने बेटे को सिखलाया था मगर इसने उससे काम ना लिया और तूफ़ान में हलाक हो गया, इस लिए के अगर तमाम आसमान एक पलड़े में रखे हों और ये कलमा दूसरे पलड़े में तो ये के वज़न में उनसे बढ़ जाएगा ।


अहमद नीसाई अन अबी अय्यूब (Radi Allahou Anhu) [१] अहमद, अन बरा बिन आज़िब ( Radi Allahou Anhu) [२] बुखारी जिल्द २ स्फा ९४७, अबू अवाना अन अली(Radi Allahou Anhu) [३] इब्न अबी शैबा अन जाबिर(Radi Allahou Anhu) [४]

हवाला: मुसनदे अहमद २६५५१


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