Azan ki Dua | अज़ान के जवाब की दुआ | Dua After Azan 3

अस्सलामु अलैकुम्, उम्मीद है के आप सभी खैरो आफियत से होंगे | आज हम आप को Azan ki Dua बताने वाले हैं उम्मीद है आप इस पोस्ट को पढ़ कर दूसरों तक भी पहुॅचायेंगे।

जैसा के आप सभी को पता है के इल्मे दीन सीखना हर आकिल व बालिग मुसलमान मर्द और औरत पर फर्ज़ है तो हमें भी चाहिए के हम भी इल्मे दीन सीखे और दूसरों को भी सिखाये ।


Azan ki Dua 1 | अज़ान के बाद की दुआ

اللَّهُمَّ أَعْطِ مُحَمَّدَ الْوَسِيلَةَ وَالْفَضِيلَةَ وَاجْعَلْهُ فِي الْأَعْلَيْنَ دَرَجَتَهُ وَ فِي الْمُصْطَفَيْنَ مَحَبَّتَهُ وَفِي الْمُقَرَّبِينَ ذِكْرَةً
अल्लाहुम्मा आति मुहम्मदल वसीलता वल फ़दीलता वअजलहु फिल आला दरजतहु वफिल मुस्तफा-यिना महब्बतहु वफिल मुक़र्रबीन ज़िक्रतान।
Allahumma a’ti Muhammadal wasilata wal fadilata waj’alhu fil a’la darajatahu wa fil mus’tafa-yina mahabbatahu wa fil muqarrabeen dhikratan.


Dua After Azan 2 | अज़ान के बाद की दुआ

اللَّهُمَّ رَبَّ هُذِهِ الدَّعَوَةِ الْقَائِمَةِ وَالصَّلُوةِ النَّافِعَةِ صَلِّ عَلَى مُحَمَّدٍ وَارْضَ عَنِّي رِضَالًا تَسْخَطُ بَعدَهُ
अल्लाहुम्मा रब्ब हदीहिद दा’वतिल क़ैमती वस-सलात अन-नाफ़ीह, सल्ली ‘अला मुहम्मदिन वा अर्दानी रिदान तसक़ुतु ब’दाहू।
Allahumma Rabb haadhihid da’watil qaaimati was-salat an-naafi’ah, salli ‘ala Muhammadin wa ardani ridan tasqutu ba’dahu.


Dua After Azan 3 | अज़ान के बाद की दुआ

اللَّهُمَّ رَبَّ هُذِهِ الدَّعْوَةِ الصَّادِقَةِ الْمُسْتَجَابِ لَهَادَعْوَةِ الْحَقِّ وَكَلِمَةِ التَّقْوَى أَحْيِنَا عَلَيْهَا وَآمِتْنَاعَلَيْهَا وَابْعَثْنَا عَلَيْهَا وَاجْعَلْنَا مِنْ خِيَارِ أَهْلِهَاأَحْيَاء وَأَمْوَاتَانِ
अल्लाहुम्मा रब्ब हदीहिद दा’वातिल सादिकतिल मुस्तजाब, वा कलीमातित तक़वा, अहयिना ‘अलैहा वा अमितना ‘अलैहा, वा इबत्ना ‘अलैहा, वज’अलना मिन ख़यारी अहलिहा अहया वा अमवाता।
Allahumma Rabb haadhihid da’watil saadiqatil mustajab, wa kalimatit taqwa, ahyinaa ‘alayha wa amitnaa ‘alayha, wa ib’athnaa ‘alayha, waj’alnaa min khayari ahliha ahyaa wa amwaata.

Azan ke Baad ki Dua

अज़ान के जवाब की दुआ | Dua for Answer to Azan

أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَةً لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُةً وَرَسُولُهُ رَضِيْتُ بِاللَّهِ رَبًّا وَبِمُحَمَّدٍ رَّسُوْلًا وَبِالْإِسْلَامِ دِينًا
अशहदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाह वहदाहु ला शारिका लाह, वा अशहदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहु वा रसूलुह। रधेतु बिल्लाहि रब्बन, वा बी-मुहम्मदीन रसूलन, वा बिल-इस्लामी दीनान
Ashhadu alla ilaha illallah wahdahu la sharika lah, wa ashhadu anna Muhammadan abduhu wa rasuluh. Radheetu billahi Rabban, wa bi-Muhammadin rasulan, wa bil-Islami deenan.


अज़ान के जवाब की दुआ का तर्जुमा

मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं है, वो तनहा है, उसका कोई शरीक नहीं है और मैं गवाही देता हूँ कि हज़रत मुहम्मद अल्लाह के बंदे और उसके रसूल हैं, मैं राज़ी हूँ अल्लाह को रब मानने पर और मुहम्मद को रसूल मानने पर और इस्लाम को दीन मानने पर।


अज़ान के जवाब की दुआ की फ़ज़ीलत

हज़रत सअद बिन वक़ास रदिअल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि आप ﷺ ने फरमायाः जो आज़ान सुने और ये कहेः “रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमायाः जो शख्स मुएज्जिन को आज़ान देते हुए सुने और ये दुआ पढ़े, तो उसके गुनाह (सघीरा) माफ़ कर दिए जाएंगे।

जो शख्स कलमा तौहीद का मज्कूरा बिना जवाब दे गा उसके गुनाह बख्श दिए जाएंगे।

निज़ जिस शख्स ने मुएज्जिन की मानन्द कलमात आज़ान कहे (यानी दोहराए) उसके लिए जन्नत है। निज़ रसूल अल्लाह बाज़ औक़ात हर दो कलमात शहादत के जवाब में सिर्फ़ वाना वाना और मैं भी और मैं भी फरमा दिया करते थे।


हवाला

मिश्कात : ६६१ । इब्न माजा ७२१ । इब्न हबान १६९३ । मुस्लिम : ८७७ । अन सअद बिन अबी वक़ास। मुस्लिम बिन दाऊद अन उमरال


अज़ान और इक़ामत के दरमियान की दुआ

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَلْكَ الْعَفْوَ وَالْعَافِيَةَ وَالْمُعَافَاتَ فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ
अल्लाहुम्मा इन्नी अस्तलुका अल-अफवा वल-अफियाता वल-मुअफत फी अद-दुनिया वल-खिराह।
Allahumma inni astaluka al-‘afwa wal-‘afiyata wal-mu’afat fi ad-dunya wal-akhirah.


इक़ामत का जवाब

أَقَامَهَا اللَّهُ وَأَدَا مَهَا
अक़महल्लाहु वा अदमाहा
Aqamahallahu wa adamaha


Read More: Chautha Kalma Tauheed | चौथा कलमा हिंदी में | 4th kalma

Leave a Comment