Azan ke Baad ki Dua । अज़ान के बाद की दुआ

अस्सलामु अलैकुम्, उम्मीद है के आप सभी खैरो आफियत से होंगे| आज हम आप को Azan ke Baad ki Dua और उसका तर्जमा बताने वाले हैं उम्मीद है आप इस पोस्ट को पढ़ कर दूसरों तक भी पहुॅचायेंगे।

जैसा के आप सभी को पता है के इल्मे दीन सीखना हर आकिल व बालिग मुसलमान मर्द और औरत पर फर्ज़ है तो हमें भी चाहिए के हम भी इल्मे दीन सीखे और दूसरों को भी सिखाये ।


Azan ke Baad ki Dua । अज़ान के बाद की दुआ

اللَّهُمَّ رَبَّ هٰذِهِ الدَّعْوَةِ التَّآمَّةِ وَالصَّلَاةِ الْقَائِمَةِ اٰتِ مُحَمَّدَ نِ الْوَسِيلَةَ وَالْفَضِيلَةَ وَابْعَثْهُ مَقَامًا مَّحْمُودَ نِ الَّذِي وَعَدْتَّهُ إِنَّكَ لَا تُخْلِفُ الْمِيْعَادَ

अल्लाहुम्मा रब्बाहाजिहिद दावतित ताम्मति वस्सलातिल काइमति आति मुहम्मदनिल वसीलता वल फजीलता वददरजतर रफीअता वब अस्ट्रु मकामम महमूदानिल्लजी व अत्तहु वर जुकना सफातहु यौमल कियामति इन्नका लातुखलिफुल मीआद


Azan ke Baad ki Dua Tarjuma

Azan ke Baad ki Dua

– ऐ अल्लाह ! ऐ परवरदिगार, इस मुकम्मल पुकार को जो पूरी तरह से है और नमाज़ कायम की हुई के हज़रत मुहम्मद (ﷺ ) को वसीला और फ़जीलत (और बुलन्द दर्जा अता कर) और उनको खड़ा कर मकामे महमूद में जिसका तूने उनसे वादा किया है, और हमको कियामत के दिन उनकी शफाअत नसीब करा । तू बेशक वादा ख़िलाफ़ी नहीं करता ।


मगरिब् की आजान के वक़्त की दुआ

اللَّهُمَّ إِنَّ هٰذَا اِقْبَالُ لَيْلِكَ وَادْبَارُ نَهَارِكَ وَأَصْوَاتُ دُعَا تِكَ فَاغْفِرْ لِي

अलाहुम्मा इन्ना हाज़ा इकबलु लयलिका व इदबारु नहारिका व अस्वातु दुआतिका फ़गफिरली


मगरिब् की आजान के वक़्त की दुआ का तर्जमा

ऐ अल्लाह! यह तेरी रात के आने, दिन के जाने और तेरे मुएज़्ज़िनों की आवाज़ों (अज़ानों) का समय है, तो तू मुझे माफ़ कर दे।

हदीस..

हज़रते उम्मे सलमा رضی اللہ عنہا से रिवायत है , वो फरमाती हैं के मुझे रसूले करीम ﷺ ने मगरिब् की आजान के वक़्त ये दुआ सिखाई ( अबू दाऊद )


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